काउंसिल का कार्य- पूजा-भाव और ईश्वरीय आशीर्वाद से ही संचालित है।

कार्यकारिणी के सम्मानित पदाधिकारी

रामायण रिसर्च काउंसिल का उद्देश्य केवल एक संस्था के रूप में कार्य करना नहीं, बल्कि रामायण के आदर्शों, भारतीय संस्कृति और सनातन मूल्यों को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुँचाने के लिए एक व्यापक जन-आंदोलन का निर्माण करना है। ये कार्यकारिणी स्थानीय स्तर पर सांस्कृतिक, शैक्षिक, सामाजिक और जन-जागरण गतिविधियों का संचालन करते हुए काउंसिल के उद्देश्यों को जन-जन तक पहुँचाने का कार्य करती हैं। ये इकाइयाँ समाज, संतों, विद्वानों, युवाओं और विभिन्न संगठनों के साथ समन्वय स्थापित कर रामायण की जीवन-दृष्टि, भारतीय ज्ञान परंपरा और सांस्कृतिक चेतना के प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

पवनसुत, श्रीहनुमान जी महाराज,

परमाध्यक्ष, रामायण रिसर्च काउंसिल

श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर स्वामी सांदीपेंद्र जी महाराज (मां बगलामुखी मंदिर प्रांगण, नलखेड़ा, मध्य प्रदेश)

अध्यक्ष, रामायण रिसर्च काउंसिल

श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर पूज्य स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज (गीता मनीषी)

मुख्य मार्गदर्शक, रामायण रिसर्च काउंसिल

श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर स्वामी चित्प्रकाशानंद जी महाराज

संयोजक, रामायण रिसर्च काउंसिल

पूज्य महंत डॉ स्वामी भरत दास जी महाराज,

सदस्य, रामायण रिसर्च काउंसिल

डॉ. साध्वी अपराजितानंद गिरी (निरंजनी अखाड़ा),

सदस्य, रामायण रिसर्च काउंसिल

वैदेहीनंदन पंडित वेदांतजी

श्रीजानकी कथा मर्मज्ञ 12 वर्षीय बाल व्यास

श्री अजय भट्ट जी (सांसद, नैनीताल-उधमसिंह नगर, उत्तराखंड)

अध्यक्ष, बोर्ड ऑफ ट्रस्टी, रामायण रिसर्च काउंसिल

श्री चिंतामणि महाराज जी (सांसद, सरगुजा, छत्तीसगढ़)

अध्यक्ष, रामायण वार्ता, रामायण रिसर्च काउंसिल

श्री अश्विनी कुमार चौबे जी (पूर्व केंद्रीय मंत्री)

मुख्य संरक्षक, रामायण रिसर्च काउंसिल

श्री देव रत्न शर्मा जी

(पूर्व ओएसडी, मध्य प्रदेश सरकार) वरिष्ठ सदस्य, रामायण रिसर्च काउंसिल

श्री देव दत्त शर्मा जी

(सेवानिवृत्त आईएएस) वरिष्ठ सदस्य, रामायण रिसर्च काउंसिल

श्री कुमार सुशांत जी

(लेखक एवं पूर्व सलाहकार, भारत सरकार)
मैनेजिंग ट्रस्टी, रामायण रिसर्च काउंसिल

श्री राजेश राज जी

विशेष सलाहकार, रामायण रिसर्च काउंसिल

श्री जयराम विप्लव जी

सदस्य, रामायण रिसर्च काउंसिल

श्री रितेश अग्रवाल जी

(अधिवक्ता, सुप्रीम कोर्ट) सदस्य, रामायण रिसर्च काउंसिल

श्री केवल कपूर जी

(मीडिया प्रोफेशनल) प्रभारी, ग्रंथ (श्रीरामलला- मन से मंदिर तक), रामायण रिसर्च काउंसिल

श्री राजेश सिंह जी,

प्रभारी, श्रीजानकी कथा, रामायण रिसर्च काउंसिल

श्री पितांबर मिश्र जी

(शोधार्थी) सदस्य, रामायण रिसर्च काउंसिल

श्री संजीत श्रीवास्तव जी

आईटी हेड, रामायण रिसर्च काउंसिल

श्री श्रीनाथ मिश्र जी

सोशल मीडिया हेड, रामायण रिसर्च काउंसिल

श्री नितिश जी

सोशल मीडिया कंटेंट हेड, रामायण रिसर्च काउंसिल

श्री विवेक शर्मा जी

विशेष सचिव, रामायण रिसर्च काउंसिल

श्री रौशन सिंह जी

(स्वयंसेवक, आरएसएस) सदस्य, रामायण रिसर्च काउंसिल

श्री जीव कांत झा जी

प्रवक्ता, रामायण रिसर्च काउंसिल

श्रीमती पूजा सिंह जी,

सदस्य, रामायण रिसर्च काउंसिल

श्री कमल चिब जी (समाजसेवी)

सदस्य, रामायण रिसर्च काउंसिल

श्री रविकान्त गर्ग जी

(पूर्व अध्यक्ष, उप्र व्यापार कल्याण बोर्ड, उप्र सरकार) वरिष्ठ उपाध्यक्ष, रामायण रिसर्च काउंसिल

श्री लक्ष्मी नारायण भाला जी 'लक्खी दा'

सदस्य, रामायण रिसर्च काउंसिल

श्री जीके केडिया जी

(निदेशक, G. K. Kedia & Co.) सदस्य, रामायण रिसर्च काउंसिल

श्री राजीव कुमार सिंह जी

(आईटी प्रोफेशनल) सदस्य, रामायण रिसर्च काउंसिल

श्री प्रण शर्मा जी

(प्रेसिडेंट, श्री वैद्धनाथ आयुर्वेद भवन प्रा. लि.) सदस्य, रामायण रिसर्च काउंसिल

श्री अम्बर अग्रवाल जी

सदस्य, रामायण रिसर्च काउंसिल

श्री वेंकट रेड्डी यर्रम जी

समन्वयक, दक्षिण भारत, रामायण रिसर्च काउंसिल

श्री शिवम सिंह जी

(सदस्य, आईटी सेल, रामायण रिसर्च काउंसिल)

श्री रुपेश रंजन जी (सीए)

कोषाध्यक्ष, रामायण रिसर्च काउंसिल

श्रीमती अर्चना सिंघल जी

सदस्य, रामायण रिसर्च काउंसिल

श्रीमती अम्बिका शर्मा जी

सदस्य, रामायण रिसर्च काउंसिल

श्री राणा वैभव जी

सदस्य, रामायण रिसर्च काउंसिल

श्री कुमार स्मृति जी

समन्वयक, जानकी कथा, रामायण रिसर्च काउंसिल

श्री शशांक सिंह जी

सदस्य, रामायण रिसर्च काउंसिल

श्री आनंद मोहन सिंह जी

आईटी-सेल, रामायण रिसर्च काउंसिल

श्री सुभाष झा जी

(आईटी प्रोफेशनल) आईटी-सेल, रामायण रिसर्च काउंसिल

श्री रजनीश गुप्ता जी

समाजसेवी सदस्य, रामायण रिसर्च काउंसिल

श्रीमती रितिका झा जी

सदस्य, रामायण रिसर्च काउंसिल

श्री विकास वर्मा जी

सदस्य, रामायण रिसर्च काउंसिल

राज्य इकाइयों के प्रमुख उद्देश्य

रामायण रिसर्च काउंसिल की राज्य इकाइयाँ संगठन की जनशक्ति और सांस्कृतिक चेतना का सशक्त आधार हैं। इनके समर्पित पदाधिकारी अपने-अपने राज्यों में भारतीय संस्कृति, रामायण के आदर्शों और सनातन मूल्यों के संरक्षण एवं प्रसार के लिए निरंतर सक्रिय रहते हुए राष्ट्रीय सांस्कृतिक पुनर्जागरण के संकल्प को आगे बढ़ा रहे हैं।